बेटे की कॉपी में लिखा था—
“मेरे पापा क्या करते हैं?”
उसने जवाब लिखा,
“मेरे पापा काम करते हैं।”

टीचर ने पूछा,
“क्या काम?”
वह बोला, “पता नहीं।
जब मैं उठता हूँ, चले जाते हैं।
जब आते हैं, मैं सो जाता हूँ।”

रविवार को पापा ने कॉपी देखी।
हँसकर पूछा,
“इतना भी नहीं पता मैं क्या करता हूँ?”

बेटे ने कहा,
“मम्मी कहती हैं, हमारे लिए काम करते हो।”
पापा बोले, “हाँ, ताकि तुम्हें सब मिले।”

“एक रविवार भी?”
पापा ने फोन की तरफ़ देखा।
ऑफिस से कॉल आ रहा था।

फोन रखकर बोले,
“आज कहाँ चलें?”
बेटा उनके पास खिसक आया।
“कहीं नहीं। आप यहीं बैठो।”

रात को उसने कॉपी में जोड़ा—
“मेरे पापा काम करते हैं।
आज हमने साथ खाना खाया।
उन्होंने मेरी पूरी कहानी सुनी।”